वैक्सीन लगवा चुके लोगों को भी बीमार कर रहा कोरोना का B-1.617 वैरिएंट!

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Corona Vaccine

भारत और ब्रिटेन के वैज्ञानिकों की रिसर्च में खुलासा हुआ है कि कोरोना का नया वैरिएंट B-1.617 जो की महाराष्ट्र के विदर्भ में मिला था, अब कोरोना का टीका लगवा चुके लोगों को भी बीमार कर सकता है। इस रिसर्च में ये बात निकल कर सामने आई है की यह वैरिएंट बीमार कर सकता है, लेकिन इसमें जोखिम कम है। वैज्ञानिकों ने ज्यादातर लोगों के लिए कोरोना के टीके को सुरक्षित बताया है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि म्यूटेशन ई484क्यू और एल452आर होने की वजह से इसे डबल म्यूटेंट कहा गया। कोरोना का यह वेरिएंट टीका से शरीर में तैयार हुए सुरक्षा कवच से बच निकलता है। 10 देशों के लैबोरेट्री समूह में शामिल आईएनएसएसीओजी और ब्रिटेन के कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने सार्स-कावे-2 बी.1.617 को लेकर रिसर्च प्रकाशित की है।

रिसर्च में शामिल कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के मेडिसिन विभाग के अनुसार ‘रिसर्च डेटा में इस वैरिएंट के जोखिम भरा तो बताया है, लेकिन साथ ही इस बात को भी साफ किया है कि जो लोग कोरोना का टीका लगवा चुके हैं उनके लिए जोखिम कम है। नई दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी के निदेशक डॉक्टर अनुराग अग्रवाल और वैज्ञानिक विनोद सकारिया ने भी इस वैरिएंट के खिलाफ टीके को कारगर बताया है।

भारत ने कहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना के नए वैरिएंट बी.1.617 से जुड़े अपने 32 पेज के दस्तावेज में ‘इंडियन वैरिएंट’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टस में इंडियन वैरिएंट नाम लिखा जा रहा है, जो सही नहीं है। इसका कोई मतलब नहीं है। वहीं डब्ल्यूएचओ ने भी कहा कि वायरस का वैज्ञानिक नाम ही लिखा जाए। उसने किसी भी वायरस को किसी देश या क्षेत्र का नाम नहीं दिया है।

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