यूपी विस चुवाव: अस्तित्व की लड़ाई में पिछड़ रहा अर्कवंशी समुदाय, देश में सम्मान पाने की लड़ रहे लड़ाई

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यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और राजनैतिक पार्टियां जातीय समीकरण का गठजोड़ बैठाने में जुट गई है. क्योंकि यूपी में जातीय समीकरण के आधार पर सत्ता हासिल करने का इतिहास रहा है. जहां एक तरफ ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, मुस्लिम जाति पर यूपी की ही नहीं बल्कि पूरे देश की राजनीति चलती है. वहीं, अर्कवंशी समाज को इससे दूर रखा है जबकि उत्तर प्रदेश में अर्कवंशी समाज की अच्छी खासी जनसंख्या है फिर भी अर्कवंशियों को समाज में उतना सम्मान नहीं मिला पा रहा है और ना ही कोई राजनेता इस पर ध्यान दे रहें. हालांकि, अखिल भारतीय अर्कवंशी महासभा की ओर से अर्कवंशी समाज को उचित सम्मान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को ज्ञापन भी दिया चुके है.

बता दें, यूपी में अर्कवंशी जाति की लगभग 25-30 लाख की संख्या है, जोकि अर्कवंशी, अरख, सूर्यवंशी, खंगार/परिहार, इत्यादि नामों से जाने जाते हैं. बेहद गरीब और पिछड़े होने के चलते पिछले 75 वर्षों में प्रदेश में अर्कवंशी जाति का राजनीतिक प्रतिनिधित्व शून्य रहा है. आजादी से लेकर अब तक इस समाज को कोई राजनैतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिला. जबकि अर्कवंशी/अरख जाति के मतदाताओं का यूपी के विधानसभाओं चुनावों के परिणामों पर सीधे-सीधे असर डालते हैं.

वहीं, अगर यूपी के संडीला विधानसभा की बात करें, तो यहां पर पांच भाग हैं.

संडीला नगर पालिका – वोटर संख्या लगभग 50,000, जिसमें मुस्लिम लगभग 14,000, हिंदू सामान्य वर्ग लगभग 8,000, हिन्दू पिछड़ा वर्ग लगभग 18,000 (जिसमें अर्कवंशी वोटर लगभग 7000-8000) और दलित लगभग 10,000

संडीला ब्लॉक– इसमें 74 ग्राम पंचायतें शामिल हैं. इनमें से लगभग 65 ग्राम पंचायतों में अर्कवंशी जाति की अच्छी खासी तादाद है. इस ब्लॉक के जातिगत आंकड़े इस प्रकार हैं –
सामान्य वर्ग (ब्राह्मण, ठाकुर, वैश्य, मुस्लिम शेख, पठान) – 31,533
पिछड़ा वर्ग (हिन्दू, मुस्लिम) – 1,15,910, इसमें से अर्कवंशी वोटर लगभग 25000-30000 है.
दलित – 51,945
कुल – 1,99,400

भरावन ब्लॉक – इसमें 65 ग्राम पंचायतें हैं. इसमें से लगभग 55 ग्राम सभाओं में अर्कवंशियों की अच्छी ख़ासी संख्या है. इस ब्लॉक के जातिगत आंकड़े इस प्रकार हैं-
सामान्य वर्ग (ब्राह्मण, ठाकुर, वैश्य, मुस्लिम शेख, पठान) – 43768
पिछड़ा वर्ग (हिन्दू, मुस्लिम) –89000 — इसमें से अर्कवंशी वोटर लगभग 32000-35000 हैं.
दलित – 56,255
कुल – 1,89,023

कोथावां ब्लॉक – इसकी 11 ग्राम पंचायतें संडीला विधानसभा का हिस्सा हैं, जिनमें से 9 ग्राम सभाओं अर्कवंशी जाति की बहुलता है. इस ब्लॉक के जातिगत आकड़े इस प्रकार हैं-
सामान्य वर्ग (ब्राह्मण, ठाकुर, वैश्य, मुस्लिम) – 3,000
पिछड़ा वर्ग (हिन्दू, मुस्लिम) – 14,000 (इसमें अर्कवंशी मतदाता लगभग 5,000-5,500 हैं).
दलित – 6,000
कुल – 23,000

बेहंदर ब्लॉक – इसकी 3 ग्राम पंचायतें संडीला विधानसभा का हिस्सा हैं. इसमें कुल मतदाता संख्या 5400 है जिसमें अर्कवंशी मतदाता लगभग 500 हैं.
(सभी जातिगत आंकड़े पंचायत चुनावों तथा निकाय चुनावों के दौरान जारी आकड़ों पर आधारित हैं.)

संडीला विधानसभा के जातीय समीकरण – अर्कवंशी/आरख (16-17 प्रतिशत, लगभग 75,000 से 80,000), मुस्लिम (13-14 प्रतिशत), दलित (24-25 प्रतिशत), ब्राह्मण (6-7 प्रतिशत), ठाकुर (6-7 प्रतिशत), वैश्य (2-3 प्रतिशत), अन्य हिन्दू पिछड़ी जातियां (लोधी, मौर्य, काछी, माली, जायसवाल, तेली, स्वर्णकार, नाई, लोहार, बरई, तंबोली, कुम्हार, भुरजी, बढई, लोनिया, पाल/गड़ेरिया, यादव, कश्यप इत्यादि – 25-30 प्रतिशत), अन्य (1-2 प्रतिशत), कुल वोटर संख्या (लगभग) – 4.66 लाख

बता दें, यूपी में अर्कवंशी/अरख जाति की बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, फतेहपुर, हरदोई, कन्नौज, सीतापुर, लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, कौशांबी, इलाहाबाद, मेरठ, शाहजहाँपुर, पीलीभीत, इत्यादि जिलों में अच्छी-ख़ासी तादाद है तथा इन जिलों की कई अन्य विधानसभाओं में अर्कवंशी मतदाताओं की संख्या 10,000 या उससे अधिक है. इतनी संख्या होने के बावजूद आजतक अर्कवंशी समाज राजनैतिक प्रतिनिधित्व से विहीन है.

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