कोरोना की एक और दवा 2-DG को मिली इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी

0
33
Corona drug

कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहे हिंदुस्तानियों के लिए राहत देने वाली खबर सामने आई हैं. दरअसल, ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीआरडीओ) ने कोरोना के इलाज के लिए एक दवा के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी है. यह दवा डीआरडीओ के एक लैब इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज (आईएनएमएएस) और हैदराबाद सेंटर फॉर न्यूक्लियर मॉलिक्युलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) के साथ मिलकर तैयार की गई है. कोरोना की इस ओरल दवा 2-DG (डिऑक्सी-डी-ग्लूकोज) नाम दिया गया है और इस दवा 2-DG को हिंदुस्तान में आपातकाल में इस्तेमाल करने की मंजूरी दी गई है. वहीं, इस दवा की मैनुफैक्चरिंग की जिम्मेदार हैदराबाद स्थित डॉ. रेड्डी लैबोरेट्रीज को दी गई है.

Corona drug

कोरोना की ओरल दवा 2-DG के क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे बताते हैं कि यह दवा अस्पताल में मौजूद कोरोना के मरीजों की जल्दी रिकवरी में सहायक है और इसी के साथ ही यह दवा मरीजों की ऑक्सीजन की जरूरत को भी कम करती है. रिपोर्ट में बताया गया है कि इस दवाई को लेने वाले कोरोना मरीजों की रिपोर्ट आरटी-पीसीआर टेस्ट में निगेटिव आई है. इस महामारी मे कोरोना वायरस से जूझ रहे लोगों के लिए यह दवाई काफी फायदेमंद साबित हो सकती है.

Corona drug

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोरोना महामारी के खिलाफ तैयार होकर रहने की बात पर अमल करते हुए डीआरडीओ ने कोरोना की दवा 2-DG बनाने का कदम उठाया. अप्रैल 2020 में, महामारी की पहली लहर के दौरान आईएनएमएएस-डीआरडीओ वैज्ञानिकों ने हैदराबाद के सीसीएमबी की मदद से प्रयोगशाला में प्रयोग किए गए और पाया कि यह अणु SARS-CoV-2 वायरस के खिलाफ प्रभावी ढंग से काम करता है और वायरस की वृद्धि को रोकता है. इन परिणाणों के आधार पर डीसीजीआई ने मई,2020 में इस दवा के दूसरे चरण के ट्रायल करने की मंजूरी दी थी.

Corona drug

डीआरडीओ ने अपने उद्योग भागीदार डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज (डीआरएल, हैदराबाद) के साथ मिलकर कोविड-19 मरीजों में दवा की सुरक्षा और प्रभावकारिता का परीक्षण परीक्षण शुरू किया. मई से अक्टूबर 2020 के दौरान किए गए दूसरे चरण के परीक्षणों में, दवा कोविड-19 रोगियों में सुरक्षित पाई गई और उनकी रिकवरी में महत्वपूर्ण सुधार हुआ.

Corona drug

चरण 2A 6 अस्पतालों में आयोजित किया गया था और चरण 2बी (खुराक लेकर) के वैज्ञानिक परीक्षण पूरे देश के 11 अस्पतालों में आयोजित किए गए थे. दूसरे चरण का परीक्षण 110 मरीजों पर किया गया. प्रभावकारिता के रुझानों में,जिन रोगियों का इलाज 2-डीजी के साथ किया गया था. उन रोगियों ने विभिन्न बिंदुओं पर मानक देखभाल (SoC) की तुलना में तेजी से सुधार देखा गया.

Corona drug

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here