खेत में मिलीं 3 नाबालिग दलित लड़कियां, 2 की मौत, 1 की हालत गंभीर, परिजन और पुलिस के बयान नहीं खा रहे मेल

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से महज 63 किलोमीटर उन्नाव के बबुरहा गांव के खेत में तीन दलित लड़कियां बेसुध मिली. अस्तपाल ले जाते वक्त तीनों लड़कियों में से दो की मौत हो गई जबकि एक लड़की हालत नाजुक बनी हुई है. हालांकि पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू दर दी है.

यह मामला उन्नाव जिले के असोहा इलाके के बबुरहा गांव का है, जहां पर तीनों लड़कियां खेत में घांस काटने गई थी. इनकी उम्र 13 साल, 16 साल और 17 साल बताई जा रही है. इनमें से 13 साल और 16 साल की लड़कियों की मौत हो गई है जबकि 17 साल की लड़की का ईलाज अस्पताल में चल रहा है और हालत अभी भी गंभीर बनी हुई.

वहीं, इस मामले में पुलिस ने कहा कि उन्हें संदेह है कि यह जहर खुरानी का मामला है. हालांकि घटनास्थल पर किसी भी प्रकार की जोर जबरदस्ती का कोई संकेत नहीं मिला हैं और लड़कियों पर कोई चोट के निशान नहीं पाए गए हैं.

उधर, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृत लड़कियों के भाई ने दावा किया कि उनके हाथ और पैर बंधे हुए पाए गए हैं. उसने बताया कि “वे खेत में घास इकट्ठा करने गए थे. आज, वे देर से लौटे, इसलिए हम उन्हें देखने गए. हमने उन्हें अपनी चुन्नी जैसे कपड़ों से बंधा हुआ पाया.

वहीं, एक मीडिया संस्थान के मुताबिक दोनों नाबालिग लड़कियों के शव क्षत-विक्षत हालत में मिले हैं, जिससे उनके साथ बर्बरता की आशंका जताई जा रही है. बताया जा रहा है कि सबसे छोटी लड़कियों को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया था. लखनऊ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी सिंह ने कहा कि अगर लड़कियों को बांधा गया था तो वो इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं कर सकते है, अगर लड़की के भाई ने इस तरह का बयान दिया है तो हम कुछ नहीं कह सकते हैं क्योंकि पुलिस के पहुंचने से पहले शवों को हटा दिया गया था.

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उत्तर प्रदेश के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि लड़कियां बुधवार को दोपहर 3 बजे के आस-पास अपने घर से निकली थीं, जिसके बाद शाम को लड़कियों के परिजनों ने उन्हें बरामद किया. उन्नाव के एसपी सुरेशराव ए कुलकर्णी ने कहा, “असोहा पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत, तीन लड़कियां अपने ही खेत में बेहोश पड़ी मिलीं. उन्हें अस्पताल भेजा गया है. प्रथम दृष्टया, यह पता चला है कि वे घांस काटने गए थे और जब परिवार के सदस्य उनकी तलाश में गए, तो उन्होंने उन्हें खेत में पड़ा पाया. उनके मुंह से कुछ सफेद पदार्थ निकल रहा था. इस पर डॉक्टरों ने कहा कि यह जहर के लक्षण थे. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

वहीं, लखनऊ जोन के एडीजी एसएन साबत ने कहा कि घटना स्थल पर हिंसा या अपराध के कोई संकेत नहीं मिले हैं. हमारी जांच जारी है. हम सभी संभव कोणों को देख रहे हैं. पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंच कर जानकारी ली है. वहीं इस मामले पर विपक्ष योगी सरकार पर हमलावर हो गया है. साथ ही विपक्ष ने इलाजरत लड़की को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर एम्स भेजने की मांग की है.

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