जल्द भारत आएगी ‘फाइजर’ की 135 करोड़ डोज, स्वास्थ्य मंत्री बोले- वैक्सीन को लेकर चल रही बातचीत

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कोरोना के खिलाफ जंग का सबसे बड़ा हथियार वैक्सीन की बड़ी खेप जल्द ही मिलने वाली है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति के लिए वैश्विक दवा कंपनी फाइजर से केंद्र सरकार के एक विशेषज्ञ समूह की बातचीत चल रही है. केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, 'प्रधानमंत्री कई बार वैक्सीनेशन प्रोग्राम का राजनीतिकरण ना करने की बात कह चुके हैं. हमारा मकसद देश में 18 साल से अधिक आयु के हर नागरिक का टीकाकरण करना है. यह समय राजनीति करने का नहीं है. भारत सरकार का एक विशेषज्ञ समूह अभी भी फाइजर के साथ कोविड वैक्सीन को लेकर बातचीत कर रहा है.'

केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने संसद को बताया कि कोरोना वायरस रोधी वैक्सीनेशन प्रोग्राम पर अब तक 9,725.15 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने कहा, कोविड-19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम पर अब तक कुल 9,725.15 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, जिसमें टीकों की खरीद और वैक्सीनेशन के लिए परिचालन लागत शामिल है. कोरोना वैक्सीन की कुल 135 करोड़ खुराक अगस्त 2021 से दिसंबर 2021 के बीच उपलब्ध होने की उम्मीद है.

डॉ. पवार ने बताया कि कोविड-19 टीकों के घरेलू निर्माताओं को अग्रिम भुगतान कर दिया गया है ताकि वैक्सीन की खरीद में कोई देरी न हो. उन्होंने आगे कहा, घरेलू वैक्सीन निर्माताओं के साथ खरीद समझौते करने में कोई देरी नहीं हुई है. निर्माताओं को उनके साथ दिए गए आपूर्ति आदेशों के लिए अग्रिम भुगतान भी किया गया है.

अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर के सीईओ डॉ. अल्बर्ट बोर्ला ने भी बीते जून में कहा था कि कंपनी कोविड-19 टीकों की आपूर्ति के लिए भारत के साथ समझौते के आखिरी चरणों में है. इसके साथ ही साथ ही उन्होंने टिप्पणी की थी कि भारत में घरेलू स्तर पर विनिर्मित टीके ही भारतीयों के टीकाकरण अभियान का मुख्य स्तम्भ होंगे.

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