Sunday, February 28, 2021
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मजहबी विवाद में फंसे उत्तराखंड के कोच वसीम जाफर,

मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना यह लाइन कहने में तो बहुत अच्छी लगती है, मगर असल जिंदगी में इस लाइन के कोई मायने नहीं है. ऐसा ही एक मामला उत्तराखंड क्रिकेट में देखने को मिला है. दरअसल, उत्तराखंड क्रिकेट के मुख्य कोच और पूर्व टीम इंडिया के बल्लेबाज वसीम जाफर को शायद मजहब देखकर खिलाड़ियों का आकलन करना आ गया है. वसीम जाफर पहले अपने सोशल मीडिया ट्वीट के लिए सुर्खियों में रहते हैं लेकिन अब मजहब को लेकर भी उनका नाम सुर्खियां बटौर रहा है. हाल ही में वसीम जाफर को उत्तराखंड क्रिकेट टीम का कोच बनाया गया था जिसके लिए उनके साथ 45 लाख रुपए का करार किया गया.

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो उत्तराखंड टीम के कोच बनाने के बाद से वसीम जाफर खिलाड़ियों को ट्रेनिंग की बजाए बजाय मजहबी पाठ पढ़ाने में जुट गए थे. पहले उन्होंने इकबाल अब्दुल्ला को जबरदस्ती टीम का कप्तान बनाया और फिर उसके बाद उत्तराखंड की टीम का स्लोगन ‘राम भक्त हनुमान की जय’ को बदल दिया. इन्हीं सब विवादों की वजह से पूर्व टीम इंडिया के बल्लेबाज और कोच वसीम जाफर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.


खबरों के मुताबिक उत्तराखंड क्रिकेट संघ के सचिव महिम वर्मा और मुख्य सिलेक्टर रिजवान शमशाद के साथ विवाद होने के बाद जाफर ने इस्तीफा दिया. इसके अलावा अपने इस्तीफे में जाफर ने सचिव महिम वर्मा पर टीम में दखल देने के साथ कई आरोप लगाए हैं. दूसरी ओर महिम ने ही जाफर पर गंभीर ओरोप लगाए और खुद पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया.

उत्तराखंड क्रिकेट का कहा कहना है कि जाफर टीम के अधिकारियों से लड़ाई करते थे बल्कि मजहबी गतिविधियों से टीम को तोड़ने का प्रयास कर रहे थे. महिम ने कहा कहना है कि वसीम जाफर घरेलू क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाडी थे इसलिए हम लोग उनका फैसला मानते थे लेकिन घरेलू टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में टीम का प्रदर्शन बेदर खराब रहा और पांच में चार मैच टीम हार गई. इसके बाद उत्तराखंड क्रिकेट संघ ने विजय हजारे ट्रॉफी के लए टीम की घोषणा की और चंदेला को कप्तान बनाया गया और फिर जाफर नाराज हो गए और उन्होंने अगले दिन इस्तीफा दे दिया.

इतना ही नहीं सचिन महीम ने बताया कि टीम के सपोर्टिंग स्टॉफ बताते थे कि जाफर कैंप के दौरान मौलवी बुलाते थे, इसके अलावा उत्तराखंड की टीम ‘राम भक्त हनुमान की जय’ स्लोगन का इस्तेमाल कर रही थी लेकिन पूर्व टीम के कोच जाफर का कहना था कि इस टीम में सभी धर्म के खिलाड़ी खेलते हैं जिसके कारण इसमें बदलाव किया गया. साथ ही ये भी बताया गया है कि वसीम जाफर के कहने के बाद उत्तराखंड की टीम का स्लोगन ‘गो उत्तराखंड’ रखा गया हालांकि पहले इसको ‘उत्तराखंड की जय’ रखने पर चर्चा हो रही थी जिसपर जाफर सेहमत नहीं थे. इसके अलावा इकबाल अब्दुल्ला को बढ़ाने के चक्कर में जाफर चंदेला को नीचे बल्लेबाजी कराने के लिए भेजा करते थे. अब देखना होगा जाफर और उत्तराखंड के बीच ये मामला कहां तक जाता है.

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