पूर्णिया भागने की फिराक में था हिंदुस्तान का गद्दार दीप सिद्धू, California से वीडियो करवाता था Upload

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26 जनवरी गणतंत्र दिवस की दोपहर लाल किले पर हुई हिंसा मामले में मुख्य आरोपी दीप सिद्धू को आखिरकार दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया और अब उससे पूछताछ शुरु हो गई है. करीब 14 दिन की फरारी काटने के बाद दिल्ली पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल हुई. दीप सिद्धू पर इसी हफ्ते दिल्ली पुलिस ने एक लाख इनाम की घोषणा किया था. लाल किले की हिंसा के बाद से ही दीप सिद्धू फरार चल रहा था और वह लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो अपलोड करके अपनी दलीलें सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती भी दे रहा था.

दीप सिद्धू को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस की छह टीमें लगाई गई थी, जो दीप सिद्धू के अलग-अलग संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थीं. सोमवार (8 फरवरी) की रात आखिरकार सेल को कामयाबी मिली और दीप सिद्धू पुलिस की हिरासत में आ गया. सेल का दावा है कि उसे हरियाणा में करनाल के पास से दबोचा गया है. सिद्धू बिहार के पूर्णिया भागने की फिराक में था. सूत्रों का दावा है कि उसने पुलिस ने बचने के लिए एक धार्मिक स्थल में भी शरण ली थी. हालांकि आधिकारिक तौर पर इस बारे में कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है.


सात दिन रिमांड में दीप सिद्धू

दीप सिद्धू घटना वाले दिन लाल किले पर एक धार्मिक झंडा फहराने की साजिश का अहम हिस्सा था. वहां से उसने फेसबुक लाइव भी किया था. स्पेशल सेल ने सिद्धू को क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया है. मंगलवार शाम को दीप सिद्धू को भारी सुरक्षा के बीच तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया. अब क्राइम बांच उससे गहन पूछताछ कर जानने की कोशिश करेगी कि आखिर जो कुछ लाल किले पर हुआ, उस साजिश का असली मास्टरमाइंड कौन है.

दीप सिद्धू किसान आंदोलन के समय किस-किस के संपर्क में था. किसके इशारे पर साजिश रची गई और फंडिंग कहां से हुई थी. स्पेशल सेल के सूत्रों का कहना है कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के नाम पर उपद्रवियों ने लाल किले पर पहुंच जमकर हिंसा की थी. तलवारों और घातक हथियारों से लैस भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले किए जिसमें 400 से अधिक पुलिसकर्मी जख्मी हुए. उस दौरान पुलिस की मौजूदगी के बीच ही लाल किले पर धार्मिक झंडा फहरा दिया गया था. किसी तरह पुलिस ने वहां हालात पर काबू पाया.

26 तारीख की रात से फरार था दीप सिद्धू

घटना वाली रात ही दीप सिद्धू फरार हो गया था. उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया था. उसके मोबाइल की लास्ट लोकेशन हरियाणा में मिली थी. आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीमों ने पांच-छह राज्यों में जाकर संभावित ठिकानों पर दबिश डाली थी. सिद्धू की पत्नी मूलरूप से झारखंड की रहने वाली है, जो फिलहाल पूर्णिया, बिहार में रह रही है. सिद्धू के दोस्त उसकी मदद करने और रहने के लिए घर देने से हिचक रहे थे. इसी का नतीजा था कि वह बीते पांच दिनों से एक ही ड्रेस पहने हुए था. इस सबके बीच वह किसी के संपर्क में था जिसने मदद करते हुए उसके लिए करनाल में कार का बंदोबस्त किया था. फरारी के दौरान सिद्धू ने कई विडियो बनाए, लेकिन उन्हें अपलोड करने का काम कैलिफोर्निया में बैठी उसकी महिला मित्र ने किया था. यह सब दीप सिद्धू की चाल थी, ताकि जांच एजेंसियां उसे ट्रेस न कर सकें.


कई किसान नेताओं के संपर्क में था!

दीप सिद्धू का सोशल मीडिया अकाउंट दो मोबाइल फोन से ऑपरेट किया जा रहा था. इसमें एक खुद सिद्धू का और दूसरा कैलिफोर्निया में उसकी मित्र के मोबाइल के जरिए हो रहा था. ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल सर्विलांस के जरिए आरोपी तक दिल्ली पुलिस पहुंची. मंगलवार को शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि सिद्धू किसान आंदोलन के दौरान कई नेताओं और आंदोलनकारियों के संपर्क में था. कई किसान नेताओं से उसने बातचीत की थी. ऐसे में उन किसान नेताओं का क्या होगा, जिन्होंने एनओसी साइन की थी? सूत्रों का कहना है कि सिद्धू ने पूछताछ में यह भी कहा कि जवाबदेही उन लोगों की तय क्यों नहीं होती जिन्होंने एनओसी साइन की थी.

वहीं, शाम को गिरफ्तार सिद्धू को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे सात दिन के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया. पुलिस ने हालांकि सिद्धू की दस दिनों की रिमांड की मांग की गई थी. पुलिस ने कहा कि दीप सिद्धू की रिमांड चाहिए, उससे पूछताछ करनी है. उसके खिलाफ विडियोग्राफी सबूत हैं. उसने लोगों को भड़काया जिसके चलते लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. उसके सोशल मीडिया की भी पड़ताल करनी है. उसको पंजाब और हरियाणा लेकर जाना है. लाल किले पर पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला हुआ, उनके सिर पर तलवार से चोट आई. लोगों को भड़काने वालों में सिद्धू सबसे आगे था. विडियो में साफ दिख रहा कि वो झंडे और लाठी के साथ लाल किले में एंट्री कर रहा था.

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