खुले में सिगरेट पीने पर अब लगेगा 10 गुना ज्यादा जुर्माना, संसद से मंजूरी के बाद कैसे लगेगी पाबंदी, जानिए

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केंद्र सरकार ने सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पादों को नियंत्रित करने वाले तंबाकू नियंत्रण अधिनियम (कोटपा)-2003 में संशोधन का ड्राफ्ट तैयार किया है. इसमें खुले में सिगरेट पीने पर लगने वाला जुर्माना 10 गुना बढ़ा दिया गया है. संशोधित विधेयक संसद के इसी बजट सत्र में पेश किये जाने की तैयारी है.

संशोधन अधिनियम के प्रमुख बिंदु

  • जुर्माने की राशि 200 रुपये से बढ़ा कर 2000 रुपये होगी.
  • कंप्लीट स्मोक फ्री जोन : फिलहाल एयरपोर्ट, होटल-रेस्तरां (30 कमरा से ज्यादा) में अलग स्मोकिंग जोन का प्रावधान है.
  • तंबाकू खरीद-बिक्री की उम्र 18 साल से बढ़ा कर 21 साल होगी
  • बिक्री के स्थानों पर किसी प्रकार के तंबाकू उत्पादों का प्रचार या प्रदर्शन प्रतिबंधित होगा.
  • तंबाकू उद्योग या कंपनियां न तो कोई स्पांसरशिप ले सकेंगी और न ही सीएसआर करेंगी.
  • तंबाकू उत्पादों का प्रचार इंटरनेट माध्यमों और सोशल मीडिया माध्यमों में भी प्रतिबंधित होगा.
  • सिगरेट-बीड़ी के एकल स्टिक, छोटे पैक व प्रयोग के लिए तैयार खुली तंबाकू की बिक्री प्रतिबंधित होगी.

बच्चों और नयी पीढ़ी के लिए संशोधन जरूरी

तंबाकू कंपनियों के प्रभाव को देखते हुए देश भर के जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ, डॉक्टर, कैंसर सोसाइटी व सामाजिक संस्थाएं इस संशोधन अधिनियम के समर्थन में अभियान चला रही हैं. राज्य में तंबाकू उन्मूलन की दिशा में काम कर रही संस्था सोशियो इकोनोमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी (सीड्स) के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने कहा कि बच्चों और नयी पीढ़ी को नशा से बचाने के लिए तंबाकू पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना अनिवार्य है.

विभिन्न शोध में पान मसाला सहित तंबाकू उत्पादों में कई तरह के हानिकारक रसायन पाया गया है. यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. इसके सेवन से कई गंभीर बीमारियां होने का अंदेशा पाया गया है. इसलिए कोटपा कानून को और भी सख्त करने की आवश्यकता है.

संस्थाओं ने कोटपा कानून में होने वाले संशोधन का समर्थन करते हुए जल्द-से-जल्द उसे संसद में पेश किये जाने की मांग की है. साथ ही केंद्र सरकार को 2030 तक टोबैको फ्री बनने का लक्ष्य निर्धारित करने का सुझाव दिया है.

तंबाकू से देश में रोज 4000 से अधिक मौतें

तंबाकू जनित रोगों से देश भर में सालाना 13 लाख लोगों की मौत होती है. एक शोध के मुताबिक तंबाकू जनित रोगों से रोज चार हजार से अधिक भारतीयों की मौत होती है. इससे संबंधित मौतों में वर्ष 2003 से प्रत्येक साल लगभग 5.9 प्रतिशत बढ़ोतरी हो रही है.

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